Last Updated: Friday, April 19, 2013, 16:55
ज़ी मीडिया ब्यूरो/एजेंसीनई दिल्ली : एक पांच वर्षीय बच्ची को उसके पड़ोसी द्वारा कथित तौर पर चार दिन तक बंधक रखने और इस दौरान उससे बलात्कार करने की घटना के विरोध में शुक्रवार को पूर्वी दिल्ली के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है और वह मौत से संघर्ष कर रही है।
बच्ची से बलात्कार करने वाले आरोपी ने उसके साथ दरिंदगी से पेश आया। पांच वर्षीया बच्ची के गुप्तांग में मोमबत्ती और बोतल डाले जाने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपी को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
पीड़िता अस्पताल में इस वक्त जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
इस घटना गांधीनगर की है, जहां आरोपी ने कथित तौर पर इस बच्ची को चार दिन तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उससे बलात्कार किया, जिससे बच्ची के गुप्तांग में गंभीर चोटें आईं।
जिस अस्पताल में बच्ची का इलाज चल रहा है उसके बाहर भारी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया।
बच्ची का इलाज कर रहे स्वामी दयानंद अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची के गुप्तांग में गंभीर जख्म हैं, जिससे उसे भारी संक्रमण हो गया है। बच्ची को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि बच्ची की हालत बहुत नाजुक है और उसके शरीर में कुछ बाहरी चीजें भी पाई गई हैं।
बच्ची के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज करने में नानुकूर की और बच्ची को ढूंढने में भी देरी की।
पुलिस उक्त फरार पड़ोसी को ढूंढने में जुटी है जो गांधीनगर में उसी मकान के भूतल में रहता था, जहां बच्ची अपने परिवार के साथ रहती थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब बच्ची को फ्लैट से बरामद किया गया, उसकी हालत बेहद नाजुक थी।
बच्ची की मां ने कहा कि पीड़िता जब बाहर खेलने गई थी तभी उसे अगवा कर लिया गया था। उन्होंने कहा, ‘उस व्यक्ति ने बच्ची को कमरे में ताले में बंद कर दिया और उससे बलात्कार किया। मुझे सरकार से न्याय चाहिए।’
आप (आम आदमी पार्टी) के नेता मनीष सिसोदिया और गोपाल राय ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को लिखे पत्र में दावा किया कि यह वाकया प्रशासन के आम जनता के प्रति ‘अमानवीय व्यवहार’ को दर्शाता है।
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस मामले में पीड़िता के माता पिता को पैसे देकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘आपके प्रशासन द्वारा पीड़िता को एक छोटे अस्पताल में भर्ती कराया गया।’
उन्होंने कहा, ‘हम आपसे यह आग्रह करते हैं कि बच्ची को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया जाए ताकि उसके जीवन को बचाया जा सके।’
First Published: Friday, April 19, 2013, 16:55