Last Updated: Thursday, December 29, 2011, 13:18

नई दिल्ली : कांग्रेस कोर समूह की बैठक के बाद सूत्रों ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल, सपा और राजद जैसे सहयोगी दलों से लोकपाल विधेयक पर फिर विचार-विमर्श कर सकती है। लोकपाल विधेयक पर सहयोगी दलों को साथ लाने के प्रयासों के बीच बसपा नेता एससी मिश्रा की वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात हुई। वहीं, सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी अभी भी अपने रुख पर कायम हैं।
इससे पहले, लोकपाल विधेयक के भविष्य पर अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शाम में पांच बजे फिर से कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक बुलाई, जिसमें राज्यसभा में लोकपाल पर वोटिंग हो या नहीं, इस मसले पर फैसला लिया जाना था। इससे पहले राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी कोर ग्रुप की बैठक हुई थी,जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ विचार विमर्श किया।
राज्यसभा में लोकपाल पर देर शाम तक हुई बहस के बाद सरकार को इस बात का अंदाजा लग गया था कि वोटिंग होने पर सरकार असमंजस की स्थिति में रहेगी। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस व अन्य सहयोगी दलों का रुख वोटिंग के खिलाफ था। कोर ग्रुप की बैठक में उम्मीद जताई जा रही थी कि वोटिंग के मसले पर स्पष्ट फैसला आ जाएगा। इस बैठक में सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, प्रणब मुखर्जी समेत तमाम सदस्य मौजूद थे।
गुरुवार सुबह हुई कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में हलात की समीक्षा की गई थी। सरकार के समक्ष राज्यसभा में लोकपाल विधेयक पास कराने में कठिनाइयां उस समय सामने आईं, जब उसकी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस राज्य स्तर पर लोकायुक्त के गठन के प्रावधान को समाप्त करने को लेकर संशोधन के पक्ष में है।
First Published: Thursday, December 29, 2011, 18:53