Last Updated: Sunday, October 23, 2011, 10:42
नई दिल्ली : भारत की पहली फार्मूला वन रेस के आयोजकों को भले ही कई समस्याओं का सामना करना पड़ा हों लेकिन वे इसकी शिकायत नहीं कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अगले सत्र के आयोजन में चीजों में काफी सुधार हो जाएगा।
रेस के आयोजक जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल (जेपीएसआई) के सामने तीन बड़ी बाधाएं आई जिसने भारतीय मोटर स्पोर्ट्स क्लब महासंघ (एफएमएससीआई) के साथ मिलकर फार्मूला वन रेस भारत में लाने में मदद की। उन्हें देश में उपकरणों के अस्थायी आयात के लिये सीमा शुल्क का भुगतान करने को कहा गया जो कई सौ करोड़ में था और इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें फेमा के उल्लघंन के लिये नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद आयोजकों को मनोरजंन कर में दी गई छूट के लिए उच्चतम न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया।
एफएमएससीआई के अध्यक्ष विकी चंडोक ने कहा कि देश में फार्मूला वन रेस की जानकारी में कमी के कारण ये समस्याएं तो आनी हीं थी। विकी भारत के दूसरे फार्मूला वन ड्राइवर करूण चंडोक के पिता भी हैं।
(एजेंसी)
First Published: Sunday, October 23, 2011, 16:12