हमला जानबूझकर नहीं किया गया: हिलेरी - Zee News हिंदी

हमला जानबूझकर नहीं किया गया: हिलेरी

इस्लामाबाद: नाटो के हवाई हमले के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में खटास बढ़ने के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को फोन करके अनजाने में पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने पर संवेदना जतायी लेकिन वह उन्हें अफगानिस्तान पर महत्वपूर्ण बैठक में नहीं लेने के निर्णय पर पुनर्विचार करने को तैयार करने में असफल रहीं।

 

राजधानी इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘हिलेरी ने गिलानी को फोन करके पाकिस्तानी सैनिकों की मौत पर व्यक्गित संवेदना जतायी।’

 

हिलेरी ने कहा, ‘हमला जानबूझकर नहीं किया गया।’ उन्होंने पाकिस्तान से इस घटना की जांच की रिपोर्ट आने का इंतजार करने को कहा।

 

अमेरिकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा इसे अकारण ही जबर्दस्त हमला करार दिये जाने को लेकर पाकिस्तान की ओर से जतायी गई चिंता को दूर करने के प्रयास में कहा, ‘अमेरिका पाकिस्तान की संप्रभुता का काफी सम्मान करता है।’

 

हिलेरी ने कहा, ‘इस घटना के कारण द्विपक्षीय संबंधों को खतरा नहीं होना चाहिए। पाकिस्तान और अमेरिका के साझा हित हैं।’

 

उन्होंने इसके अलावा गिलानी से बातचीत में बॉन में अफगानिस्तान मुद्दे पर आयोजित होने वाली बैठक में हिस्सा लेने का मामला भी उठाया। लेकिन गिलानी ने हिलेरी से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति ने बॉन सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने के मंत्रिमंडल के निर्णय का स्वागत किया है।

 

वाशिंगटन में विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि हिलेरी ने गिलानी से बात की और एक बार फिर मोहमंद में गत सप्ताह हुए नाटो हमले में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के परिवारों के साथ ही इस दुखद घटना के लिए पाकिस्तानी जतना के प्रति भी संवेदना जतायी।

 

गिलानी ने हिलेरी से कहा कि पाकिस्तान ने क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने के साथ ही आतंकवाद की लड़ाई में कई बलिदान दिये हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ सहयोग की शर्तों का मामला अब संसद के पास है।

 

उन्होंने कहा, ‘इससे संबंधों को लेकर राष्ट्रीय प्रभुत्व और स्पष्टता सुनिश्चित हो सकेगी।’’पाकिस्तान ने गत 26 नवम्बर को हुए नाटो के हवाई हमले में दो सैन्य अधिकारियों सहित अपने 24 पाकिस्तानी सैनिकों मारे जाने की घटना पर काफी नाराजगी जतायी थी।

 

जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सरकार ने नाटो की सभी आपूर्ति रास्तों को बंद करने के साथ ही अमेरिका से शम्सी हवाई ठिकाने को 11 दिसम्बर तक खाली करने को कह दिया है। इस हवाई ठिकाने का कथित रूप से सीआईए संचालित ड्रोन विमान के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

(एजेंसी)

First Published: Monday, December 5, 2011, 08:24

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