Last Updated: Thursday, October 10, 2013, 11:27

भुवनेश्वर : ओडिशा में गुरुवार को चक्रवाती तूफान `फेलीन` की चेतावनी का स्तर बढ़ा दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मध्यपूर्वी बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात धीरे-धीरे पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि तूफान की चेतावनी का स्तर राज्य के पारादीप एवं गोपालपुर बंदरगाहों पर एक से बढ़ाकर दो कर दिया गया है। चक्रवाती तूफान की दिशा थोड़ी पश्चिमोत्तर की तरफ हो गई है और अब यह पारादीप बंदरगाह से करीब 850 किलोमीटर दूर है।
अधिकारी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम और ओडिशा के पारादीप तक शनिवार रात को पहुंचने से पहले अगले दो दिनों में यह तेजी से बड़े चक्रवाती तूफान के रूप में परिवर्तित हो जाएगा। इस दौरान 175 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
राज्य मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चक्रवात की वजह से राज्य के तटीय इलाकों में भयंकर बारिश और आंधियों का दौर जारी रहेगा। राज्य सरकार ने आपदा की परिस्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं और राज्य के 14 जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि खतरे की आशंका वाले इलाकों में पहले से राहत और बचावकर्मी तैनात किए जाएं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है।
विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार मोहपात्रा ने बताया कि हमने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने और राहत एवं बचाव दलों के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। हमने उन्हें पर्याप्त खाद्य सामग्री, जीवन रक्षा नाव और पेड़ काटने के औजार पहले से तैयार रखने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि आपदा के समय फोन सेवा बंद पड़ जाने की स्थिति में राज्य के पास 50 सैटेलाइट फोन हैं और अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि फोन ठीक ढंग से काम कर रहे हैं।
राजधानी भुवनेश्वर में राज्य स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जो सभी जिलों के नियंत्रण कक्षों के लगातार संपर्क में रहेगा। (एजेंसी)
First Published: Thursday, October 10, 2013, 11:27