Last Updated: Monday, April 14, 2014, 18:20

पर्थ : दुर्घटनाग्रस्त मलेशियाई विमान की खोज में लगे खोजकर्ताओं ने सोमवार को कहा कि हिंद महासागर में 4500 मीटर की गहराई पर विमान को ढूंढने के काम में पहली बार एक रोबोटिक ड्रोन पनडुब्बी को लगाया जाएगा।
एक सप्ताह तक ब्लैक बाक्स से कोई सिग्नल नहीं मिलने पर अब रोबोटिक ड्रोन की तैनाती का फैसला किया गया है। आस्ट्रेलिया के मुख्य खोज समन्वयक एंगुस ह्यूस्टन ने कहा कि ‘ओशन शील्ड’ महासागर में पिंगर लोकेटर के साथ चलाए जा रहे खोजी अभियान को आज समाप्त करेगा और जल्द से जल्द पानी की गहराई में ‘ब्लूफिन 21’ को तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें छह दिन में कुछ भी नहीं मिला इसलिए मुझे लगता है कि अब पानी की सतह से नीचे जाने की जरूरत है।’’ खोज अभियान से संबंधित एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, ह्यूस्टन ने कहा कि समुद्र में तेल मिला है जिसे जांच के लिए एकत्रित किया गया है।
इस तेल के स्रोत का अभी पता नहीं चला है। हालांकि इसकी जांच में अभी समय लगेगा। ह्यूस्टन ने कहा कि यह जगह वहां से करीब है जहां से संकेत मिल रहे थे और हम इसकी जांच कर रहे हैं और इसमें थोड़ा समय लगेगा क्योंकि हम हिंद महासागर के मध्य में हैं। हमें नहीं लगता कि इसका स्रोत पोत है, तो फिर यह कहां से आया? इसलिए यह एक अन्य सुराग है जिस पर काम करना होगा।
साइड स्कैन सोनार युक्त अमेरिकी नौसेना जांच वाहन ‘ब्लूफिन 21’ को आज तैनात किया जाएगा। बहुराष्ट्रीय खोज दल विमान के ब्लैक बाक्स फ्लाइट रिकाडर्स से सिग्नल सुनने के लिए पिंगर लोकेटर का उपयोग कर रहा है। लेकिन विमान के रिकार्डर की बैट्री के समाप्त होने की चिंताओं के बीच, आठ अप्रैल से कोई सिग्नल नहीं मिला है।
गौरतलब है कि फ्लाइट ‘एमएच 370’ 38 दिन से लापता है। इसमें पांच भारतीयों सहित 239 लोग सवार थे। यह मलेशियाई विमान बोइंग 777-200 कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा था। (एजेंसी)
First Published: Monday, April 14, 2014, 18:20