एसोचैम ने दलों को दिए 15 चुनावी मंत्र - Zee News हिंदी

एसोचैम ने दलों को दिए 15 चुनावी मंत्र

लखनऊ : उद्योग मंडल एसोचैम ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक दलों के लिए अपने 15 सूत्री सुझाव पेश किए। एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि किसी राज्य में चुनाव से पहले की गई अपनी तरह की इस पहली कवायद का उद्देश्य सियासी दलों को अपने चुनाव घोषणा पत्रों में विभिन्न आर्थिक मुद्दों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।

 

उन्होंने बताया कि वह जल्द ही प्रदेश के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर इन 15 सूत्री सिफारिशों को सामने रखेंगे। रावत ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार का नेतृत्व उद्यमियों से संवाद स्थापित नहीं करता, लेकिन औद्योगिक सतह पर की गई कार्रवाई नजर आती है। रावत ने प्रमुख सुझावों का जिक्र करते हुए बताया कि एसोचैम ने प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को तेज करने तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कृषि, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र में निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा देने तथा सूक्ष्म, लघु तथा मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही है।

 

उन्होंने बताया कि संगठन ने चावल मिल, पावरलूम, चमड़ा उद्योग, बनारसी साड़ी, खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड कपड़े, पटसन और जरी उद्योग क्षेत्रों को ‘संकुल विकास’ के माडल पर प्रोत्साहित करने का सुझाव भी दिया है। रावत ने बताया कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में निजी निवेश आकषिर्क करते हुए ‘ठेका खेती’ को प्रोत्साहित करना चाहिए। रावत ने बताया कि एसोचैम का यह भी प्रस्ताव है कि नोएडा में एक अंतरराष्ट्रीय वित्त प्रौद्योगिकी नगर स्थापित हो जो न्यूयॉर्क के मैनहटन, टोक्यो के जिंगा जैसे वैश्विक वाणिज्यिक केन्द्रों के समकक्ष हो।

 

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को क्लस्टर विकास के जरिए प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए आमराय बनानी चाहिए। उत्तर प्रदेश में बिजली की किल्लत छोटे उद्योगों की प्रगति की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है लिहाजा इस परेशानी को दूर करने के लिये राज्य में परमाणु विद्युत संयंत्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा, ‘हमें अपेक्षा है कि प्रदेश की अगली सरकार सूबे में कम से कम दो परमाणु विद्युत संयंत्र जरूर लगाएगी।’ रावत ने बताया कि एसोचैम का सुझाव है कि अनुसूचित जातियों तथा जनजातियों के लोगों को नौकरी में समुचित भागीदारी मिलनी चाहिए।

 

एसोचैम महासचिव ने कहा कि प्रदेश के पर्यटन तथा आतिथ्य सेवा कारोबार को राज्य सरकार से बड़े प्रोत्साहन की जरूरत है। एसोचैम की राय है कि राज्य सरकार को भूमि अधिग्रहण के लिये ऐसी स्पष्ट नीति लागू करनी चाहिए जिसमें जमीन के क्रेता और विक्रेता सौदे के बारे में सीधी बातचीत कर सकें और इसमें सरकार की भूमिका कम से कम रखी जाए। (एजेंसी)

First Published: Tuesday, November 29, 2011, 16:42

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