सीरिया पर अमेरिकी-रूसी समझौते को मिला चीन का समर्थन

सीरिया पर अमेरिकी-रूसी समझौते को मिला चीन का समर्थन

सीरिया पर अमेरिकी-रूसी समझौते को मिला चीन का समर्थनवाशिंगटन/बीजिंग : सीरिया के रासायनिक हथियारों को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में लाने के संबंध में अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते को आज चीन की ओर से सबसे महत्वपूर्ण समर्थन मिल गया। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेतावनी दी है कि यदि असद सरकार इसे शीघ्रता से और सत्यापित तरीके से लागू नहीं करती है तो इसके ‘परिणाम’ भी भुगतने होंगे।

वीटो करने का अधिकार रखने वाले चीन की ओर से मिला समर्थन सीरिया मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के सभी सदस्यों को एक मंच पर खड़ा कर सकता है। अगले वर्ष के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को समाप्त करने के रूस और अमेरिका के समझौते को चीन ने रविवार को अपना समर्थन दे दिया।

बीजिंग के दौरे पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरेन फेबियस से मुलाकात के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यि ने कहा, ‘अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते का चीनी पक्ष स्वागत करता है। यह समझौता सीरिया में तनाव कम करने में मदद करेगा।’ बीजिंग पहुंचे फेबियस ने समझौते को ‘आगे की ओर महत्वपूर्ण कदम’ बताते हुए कहा कि ‘सीरिया पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता’ है।

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और रूस के विदेश मंत्री सेरगी लावरोव के बीच जिनीवा में तीन दिन चली गहन वार्ता के बाद दोनों के बीच हुए समझौते पर यह चीन की पहली औपचारिक प्रतिक्रिया है।

वाशिंगटन में ओबामा ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा, ‘हमने अच्छी प्रगति की है लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।’ ओबामा ने कहा, ‘सुनिश्चित करने के लिए कि यह प्रक्रिया सत्यापन के योग्य है अमेरिका रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, संयुक्त राष्ट्र और अन्य के साथ मिलकर काम करता रहेगा। और यदि आज हुए इस समझौते पर असद सरकार अमल नहीं करती है तो इसके परिणाम भी होंगे।’ (एजेंसी)

First Published: Sunday, September 15, 2013, 20:33

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